Pathari (gall bladder)
(In hindi)
पित्त की पथरी (Gallstones) के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा में कई प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं जो बिना सर्जरी के पथरी को निकालने या उसका आकार छोटा करने में मदद कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक उपचार दिए गए हैं:
1. भैषज्य चिकित्सा (हर्बल दवाएं)
1.1. कुल्थी दाल (Horse gram):
- पथरी को गलाने में सहायक होती है।
- इसे उबालकर उसका पानी पीना लाभकारी होता है।
1.2. वरुण (Crataeva nurvala):
- यह पित्ताशय की पथरी के इलाज में बहुत उपयोगी मानी जाती है।
- इसका काढ़ा या टैबलेट (जैसे Varunadi Kwath या Varuna Ghanvati) उपयोग किया जा सकता है।
1.3. पुनर्नवा (Boerhavia diffusa):
- मूत्रवर्धक गुण होने के कारण पथरी निकालने में सहायक है।
- इसका रस या काढ़ा उपयोगी होता है।
1.4. भुंइआवला (Phyllanthus niruri - पत्थरचट्टा):
- इसे "stone breaker" भी कहा जाता है।
- इसके रस का नियमित सेवन पथरी के आकार को घटाता है।
1.5. त्रिफला:
- शरीर को डिटॉक्स करने और पाचन सुधारने में मदद करती है।
- पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकने में सहायक है।
2. आयुर्वेदिक औषधियाँ (Ready-Made Formulations)
- Chandraprabha Vati
- Gokshuradi Guggulu
- Hajrul Yahood Bhasma (with lemon juice or honey)
- Liv 52 (for liver and gallbladder support)
3. अन्य उपाय
- गुनगुना पानी दिन में कई बार पीना।
- तैलीय, मसालेदार, और भारी भोजन से परहेज।
- व्रण शुद्धि और यकृत को मजबूत करने वाले आहार का सेवन।
